हरि शब्द रूप | Hari Shabd Roop In Sanskrit

Hari Shabd Roop In Sanskrit :- दोस्तों आज हम आपको हरि शब्द रूप के बारे में लेख लिखा है। इस लेख में हमने हरि शब्द रूप, हरि शब्द के रूप सातों विभक्ति में हिंदी अर्थ, इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।

अक्सर कक्षा 6,7,8,9,10 के विद्यार्थियों को हरि शब्द रूप के बारे में पूछा जाता है। इसलिए विद्यार्थियों की सहायता के लिए हमने Hari Ka Shabd Roop पर लिखा है।

हरि शब्द रूप | Hari Shabd Roop


हरि शब्द रूप :- हरि शब्द इकारान्त पुल्लिंग संज्ञा है। सभी इकारान्त पुल्लिंग संज्ञा का शब्द रूप एक प्रकार से ही बनता है। 

इकारान्त पुल्लिंग संज्ञा के उदाहरण :- मुनि , कवि, ऋषि, कपि, निधि, रवि, गिरि, अग्नि, जलधि, पयोधि, अरि, मणि, व्याधि, उदधि आदि। निम्न शब्दों के भी शब्द रूप बालक शब्द रूप की तरह ही बनेंगे। क्योंकि यह सभी शब्द इकारान्त पुल्लिंग संज्ञा के हैं। 

इकारान्त पुल्लिंग संज्ञा शब्द :- वह संज्ञा शब्द जिनका लिंग पुल्लिंग हो तथा उनके उच्चारण के अंत में ‘इ’ स्वर की ध्वनि निकले उसे अकारांत पुल्लिंग संज्ञा शब्द कहते हैं। 

हरि शब्द के रूप सातों विभक्ति में एवं तीनों वचनों में नीचे दिये गये हैं:

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाहरिःहरीहरयः
द्वितीयाहरिंहरीहरीन्
तृतीयाहरिणाहरिभ्याम्हरिभिः
चतुर्थीहरयेहरिभ्याम्हरिभ्यः
पंचमीहरेःहरिभ्याम्हरिभ्यः
षष्ठीहरेःहर्योःहरीणां
सप्तमीहरौहर्योःहरिषु
सम्बोधनहे हरे !हे हरी !हे हरयः !

हरि शब्द के रूपों का वाक्यों में प्रयोग


हरि शब्द के रूप सातों विभक्ति में एवं तीनों वचनों में, हिंदी अर्थ के साथ वाक्यों में प्रयोग नीचे दिये गये हैं:

प्रथमा

  1. हरिः श्लोकं पठति।
    हरि श्लोक पढ़ता है।
  2. हरी श्लोकं पठतः।
    दो हरि श्लोक पढ़ते हैं।
  3. हरयः श्लोकं पठन्ति।
    बहुत सारे हरि श्लोक पढ़ते हैं।

द्वितीया

  1. राजा हरिं प्रणमति।
    राजा हरि को प्रणाम करता है।
  2. राजा हरी प्रणमति।
    राजा (दो) हरियों को प्रणाम करता है।
  3. राजा हरीन् प्रणमति।
    राजा हरियों को प्रणाम कता है।

तृतीया

  1. हरिणा श्लोकः पठ्यते।
    हरि के द्वारा श्लोक पढ़ा जाता है।
  2. हरिभ्यां श्लोकः पठ्यते।
    (दो) हरियों के द्वारा श्लोक पढ़ा जाता है।
  3. हरिभिः श्लोकः पठ्यते।
    हरियों के द्वारा श्लोक पढ़ा जाता है।

चतुर्थी

  1. राजा हरये धेनुं ददाति।
    राजा हरि को गाय देता है।
  2. राजा हरिभ्यां धेनुं ददाति।
    राजा दो हरियों को गाय देता है।
  3. राजा हरिभ्यः धेनुं ददाति।
    राजा बहुत सारे हरियों को गाय देता है।

पञ्चमी

  1. राजा हरेः ज्ञानं गृह्णाति।
    राजा हरि से ज्ञान लेता है।
  2. राजा हरिभ्याम् ज्ञानं गृह्णाति।
    राजा दो हरियों से ज्ञान लेता है।
  3. राजा हरिभ्यः ज्ञानं गृह्णाति।
    राजा बहुत सारे हरियों से ज्ञान लेता है।

षष्ठी

  1. एषः हरेः गृहम् अस्ति।
    यह हरि का घर है।
  2. एषः हर्योः गृहम् अस्ति।
    यह दो हरियों का घर है।
  3. एषः हरीनाम् गृहम् अस्ति।
    यह बहुत सारे हरियों का घर है।

सप्तमी

  1. राजा हरौ विश्वसिति।
    राजा हरि पर विश्वास करता है।
  2. राजा हर्योः विश्वसिति।
    राजा दोनों हरियों पर विश्वास करता है।
  3. राजा हरिषु विश्वसिति।
    राजा सभी हरियों पर विश्वास करता है।

संबोधनम्

  1. हे हरे! यज्ञं करोतु।
    हे हरि! यज्ञ करो।
  2. हे हरी! यज्ञं करोतु।
    हे दोनों हरियों! यज्ञ कीजिए।
  3. हे हरयः! यज्ञं करोतु।
    हे हरियों! यज्ञ कीजिए।
Hari Shabd Roop In Sanskrit

FAQ


हरि शब्द रूप की तृतीया विभक्ति का बहुवचन क्या होगा?

हरिभिः

हरि शब्दरूप का पंचमी विभक्ति का एकवचनं क्या होगा?

हरेः

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